Navami Kab Hai ? February 2026 : नवमी तिथि यानि नौमी तिथि हिन्दू पंचांग का एक महत्वपूर्ण दिन है। यह हर महीने के नोवे दिन को दर्शाता है। नोमी का मतलब होता है ‘नोवा दिन‘, जो हर महीने के चंद्र माह का नौवा और विशेष दिन होता है।
इस दिन का धार्मिक, सांस्कृतिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। नवमी तिथि या नौमी तिथि के नाम से जाने वाले इस दिन कई धार्मिक अनुष्ठान, व्रत और पूजा होती हैं। हिन्दू धर्म में इसे बहुत ही पवित्र माना जाता है। आईए जानते हैं की इस वर्ष विभिन्न महीनों में नवमी कब है Navami Kab Hai
नवमी कब है Navami Kab Hai?
वर्ष 2025 के जनवरी से दिसंबर तक की नवमी तिथि की जानकारी नीचे दी गई तालिकाओं में उपलब्ध है। आइए, हिंदू कैलेंडर के अनुसार देखें कि इस वर्ष हर महीने नवमी या नौमी तिथि कब-कब आती (Navami Kab Hai?) है।
जनवरी महीने मे नवमी तिथि या नौमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन |
|---|---|---|
| 05 जनवरी 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | रविवार |
| 20 जनवरी 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | सोमवार |
फरवरी महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन |
|---|---|---|
| 03 फरवरी 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | सोमवार |
| 19 फरवरी 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | बुधवार |
मार्च महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन | विशेष नोट |
|---|---|---|---|
| 05 मार्च 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | बुधवार | राम नवमी (सुबह 06:15 से दोपहर 12:31 तक) |
| 20 मार्च 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | गुरुवार |
अप्रेल महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन | विशेष नोट |
|---|---|---|---|
| 04 अप्रैल 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | शुक्रवार | |
| 18 अप्रैल 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | शुक्रवार |
मई महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन | विशेष नोट |
|---|---|---|---|
| 04 अप्रैल 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | शुक्रवार | |
| 18 अप्रैल 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | शुक्रवार |
जून महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन | विशेष नोट |
|---|---|---|---|
| 02 जून 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | सोमवार | |
| 17 जून 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | मंगलवार |
जुलाई महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन | विशेष नोट |
|---|---|---|---|
| 01 जुलाई 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | मंगलवार | |
| 16 जुलाई 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | बुधवार | |
| 31 जुलाई 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | गुरुवार |
अगस्त महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन | विशेष नोट |
|---|---|---|---|
| 17 अगस्त 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | शुक्रवार | |
| 30 अगस्त 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | शनिवार |
सितंबर महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन | विशेष नोट |
|---|---|---|---|
| 14 सितंबर 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | रविवार | |
| 28 सितंबर 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | रविवार |
अक्टूबर महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन | विशेष नोट |
|---|---|---|---|
| 13 अक्टूबर 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | सोमवार | |
| 28 अक्टूबर 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | मंगलवार | सिद्धिदात्री पूजा (सायं 04:15 से 06:45 तक) |
🌸 सिद्धिदात्री पूजा: नवरात्रि की समाप्ति पर की जाती है। इस दिन दुर्गा के नौवें स्वरूप की आराधना से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
नवंबर महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन |
|---|---|---|
| 12 नवंबर 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | बुधवार |
| 27 नवंबर 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | गुरुवार |
दिसम्बर महीने मे नवमी कब है Navami Kab Hai?
| तारीख | पक्ष | दिन |
|---|---|---|
| 11 दिसंबर 2025 | शुक्ल पक्ष की नवमी | गुरुवार |
| 26 दिसंबर 2025 | कृष्ण पक्ष की नवमी | शुक्रवार |
नवमी तिथि (Navami Titihi) का क्या महत्व है?

नवमी तिथि या नौमी तिथि का हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह तिथि हर महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों में आती है और इसे विभिन्न पर्व और त्योहारों के रूप में मनाया जाता है।
नवमी तिथि विशेष रूप से देवी दुर्गा और भगवान राम की पूजा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नवमी तिथि (Navami Titihi) का धार्मिक महत्व
देवी दुर्गा और दुर्गा नवमी (नौमी)
शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को दुर्गा नवमी के रूप में मनाया जाता है। नवरात्रि के नौवें दिन को महानवमी कहा जाता है और इस दिन देवी दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
इस दिन को दुर्गा पूजा का समापन दिवस भी माना जाता है और भक्तगण कन्या पूजन और हवन का आयोजन करते हैं।
भगवान राम और राम नमवी का महत्व
चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान राम के जन्म का पर्व है।
इस दिन भगवान राम की पूजा की जाती है और उनके जीवन और शिक्षाओं का स्मरण किया जाता है।
नवमी तिथि की पूजा विधि (Navami Tithi ki Pooja Vidhi)
- स्नान और शुद्धि: नवमी तिथि पर प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थान की तैयारी: पूजा स्थल को शुद्ध करें और वहां देवी दुर्गा या भगवान राम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- मंत्र जाप: देवी दुर्गा या भगवान राम के मंत्रों का जाप करें।
- अर्पण: देवी या भगवान को फल, फूल, धूप, दीप, चंदन और प्रसाद अर्पित करें।
- कन्या पूजन: महानवमी के दिन कन्या पूजन की परंपरा भी है, जिसमें नौ कन्याओं को भोज कराकर उनके पैर पूजे जाते हैं।
ज्योतिषीय महत्व और योग
नवमी तिथि का ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी बहुत महत्व है और इसमें विशेष योग बनते हैं जो जीवन में विशेष प्रभाव डालते हैं।
राम नवमी
राम नवमी के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था और इसे विशेष रूप से भगवान राम की उपासना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन विशेष पूजा, भजन, कीर्तन और झांकी का आयोजन किया जाता है।
नवमी तिथि के शुभ योग
नवमी तिथि पर यदि विशेष योग बनते हैं, तो यह अत्यंत शुभ माने जाते हैं। जैसे कि रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग आदि। इन योगों में किए गए कार्य सफल होते हैं और शुभ फल प्रदान करते हैं।
धार्मिक कथा
नवमी तिथि से जुड़ी विभिन्न धार्मिक कथाएं हैं। महानवमी के दिन देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था, जो अधर्म और असत्य का प्रतीक था। इस दिन को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है।
राम नवमी के दिन भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था और इस दिन को उनकी जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का स्मरण कर मनाया जाता है।
आंवला नवमी की कथा – Amla Navami Ki Katha
माँ सिद्धिदात्री की व्रत कथा – Sidhhidatri Mata Vrat Katha
निष्कर्ष
नवमी तिथि का धार्मिक, ज्योतिषीय और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है। यह तिथि देवी दुर्गा और भगवान राम को समर्पित है और इस दिन उनकी पूजा-अर्चना से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।
नवमी तिथि पर किए गए व्रत और पूजा से व्यक्ति को सभी प्रकार की समस्याओं से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। तो मित्रों इस लेख मे हमने जाना की नवमी कब है और कैसे इस नवमी के विशेष दिन पर प्रभु श्री राम और मा दुर्गा की उपासना की जाती है।
FAQ
1. जनवरी में नवमी कब है Navami Kab Hai?
जनवरी 2025 महीने में 5 जनवरी 2025 को शुक्ल पक्ष और 20 जनवरी 2025 को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है।
2. फरवरी में नवमी कब है? Navami Kab Hai?
फरवरी 2025 महीने में 3 फरवरी 2025 को शुक्ल पक्ष और 19 फरवरी 2025 को कृष्ण पक्ष की नौमी (Nomi) तिथि है।
3. मार्च में नवमी कब है Navami Kab Hai?
मार्च 2025 महीने में 5 मार्च 2025 को शुक्ल पक्ष और 20 मार्च 2025 को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। इस दिन राम नवमी मनाई जाती है।
4. अप्रैल में नवमी कब है? Navami Kab Hai?
अप्रैल 2025 महीने में 4 अप्रैल 2025 को शुक्ल पक्ष और 18 अप्रैल 2025 को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है।
5. मई में नवमी कब है Navami Kab Hai?
मई 2025 महीने में 3 मई 2025 को शुक्ल पक्ष और 19 मई 2025 को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है।
6. जून में नवमी कब है? Navami Kab Hai?
जून 2025 महीने में 2 जून 2025 को शुक्ल पक्ष और 17 जून 2025 को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है।
7. जुलाई में नवमी कब है Navami Kab Hai?
जुलाई 2025 महीने में 1 जुलाई 2025 को शुक्ल पक्ष, 16 जुलाई 2025 को कृष्ण पक्ष और 31 जुलाई 2025 को शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है।
8. अगस्त में नवमी कब है? Navami Kab Hai?
अगस्त 2025 महीने में 15 अगस्त 2025 को कृष्ण पक्ष और 30 अगस्त 2025 को शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है।
9. सितम्बर में नवमी कब है Navami Kab Hai?
सितम्बर 2025 महीने में 14 सितम्बर 2025 को शुक्ल पक्ष और 28 सितम्बर 2025 को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है।
10. अक्टूबर में नवमी कब है? Navami Kab Hai?
अक्टूबर 2025 महीने में 13 अक्टूबर 2025 को शुक्ल पक्ष और 28 अक्टूबर 2025 को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। इस दिन सिद्धिदात्री पूजा मनाई जाती है।
11. नवंबर में नवमी कब है Navami Kab Hai?
नवंबर 2025 महीने में 12 नवंबर 2025 को शुक्ल पक्ष और 27 नवंबर 2025 को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है।
12. दिसंबर में नवमी कब है? Navami Kab Hai?
दिसंबर 2025 महीने में 11 दिसंबर 2025 को शुक्ल पक्ष और 26 दिसंबर 2025 को कृष्ण पक्ष की नवमी है।
विशेष तिथियाँ:
राम नवमी 2025: 5 मार्च 2025 (शुभ मुहूर्त: सुबह 06:15 से दोपहर 12:31 तक)
सिद्धिदात्री पूजा 2025: 28 अक्टूबर 2025 (शुभ मुहूर्त: सायं 04:15 से 06:45 तक)
इस महीने की अन्य तिथियाँ
हिंदू पंचांग के मुताबिक, हर चंद्र मास में दो पक्ष होते हैं – शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष। प्रत्येक पक्ष में 15 तिथियां होती हैं। इनमें से 14 तिथियां दोनों पक्षों में एक जैसी होती हैं।
लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि कृष्ण पक्ष की 15वीं तिथि अमावस्या कहलाती है, जबकि शुक्ल पक्ष की 15वीं तिथि को पूर्णिमा कहते हैं। इस साल की अन्य महत्वपूर्ण तिथियां नीचे दी गई हैं –
